Post navigation Admission session.(2025-2026)…………….(3rd Round)Registration/Allotment / Document Verification & Admission…….दिनांक 20.11.2025 को महाविद्यालय परिसर मे भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग, नई दिल्ली एवं आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्देशित ट्रांसिशनल करिकुलम के अन्तर्गत सत्र 2025-26 के नवागातुक छात्र-छात्राओं का स्वागत एवं अभिनन्दन 🌹
दिनांक 12/01/2026 सोमवार को दयानन्द आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल सिवान के धनवन्तरी सभागार में स्वामी विवेकानंद जी के जयंती पर मनाए जाने वाले राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम में महाविधालय के छात्र – छात्राओं ने राष्ट्रीय युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानंद जी के जीवन पर अपने ओजस्वी वक्तव्य प्रस्तुत किए। Jan 13, 2026 Ravi Shastri
एक पेड़ माँ के नाम आज दिनांक 6 जनवरी 2026 को दयानंद आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में श्री आशुतोष गुप्ता (अनुमंडल पदाधिकारी)सिवान सदर सह सदस्य शासी निकाय के द्वारा औषधीय पौधा रोपण एवं जरुरतमंदो के बीच कम्बल वितरण किया गया। Jan 6, 2026 Ravi Shastri
सत्र 2025-26 में नवनामांकित छात्रों का 15 दिवसीय आयुर्वेद विद्या समारम्भ (Transitional Curriculam)कार्यक्रम का समापन समारोह दिनांक 08/12/2025 को सम्पन्न हुआ।दिनांक 09/12/2025 कोविभिन्न समाचार पत्रों दैनिक भास्कर,आज, दैनिक जागरण एवं हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर। Dec 9, 2025 Ravi Shastri
आज दिनांक 8.12.2025 को दयानंद आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सिवान में चल रहे नो आगंतुक छात्र-छात्राओं के ट्रांजिशनल करिकुलम का समापन समारोह महाविद्यालय के धनवंतरी हाल में धूमधाम से मनाया गया। समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में सिवान जिला के जिला पदाधिकारी आदित्य प्रकाश एवं अनुमंडल पदाधिकारी सिवान के साथ आयुर्वेद महाविद्यालय के शासि निकाय के सचिव डॉ रामानंद पांडे, शासि निकाय के सलाहकार एवं पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर डॉ प्रजापति त्रिपाठी महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने दीप जलाकर शुरूआत किया। नवागंतुक छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी आदित्य प्रकाश ने आयुर्वेद को सबसे पुरातन चिकित्सा पद्धति बताया तथा छात्र-छात्राओं को आयुर्वेद की शिक्षा को गहनता से ग्रहण करने के लिए कहा । अनुमंडल पदाधिकारी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए आयुर्वेद के महान विभूतियां के चरित्र को अपनाने की अपील की महाविद्यालय का सचिव डॉ रामानंद पांडे ने अपने संबोधन में महर्षि सुश्रुत एवं महर्षि चारक के जीवनी पर प्रकाश डाला। पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर डॉ प्रजापति त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय एवं अस्पताल के विषय में विशेष जानकारी उपलब्ध कराई। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने अतिथियों को समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इस पूरे सत्र में सुचारू रूप से हिस्सा लेने के लिए नवआगंतुक छात्र-छात्राओं एवं सत्र को सुचारू रूप से सफल बनाने के लिए सभी शिक्षकों कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं को धन्यवाद दिया। मंच संचालन डॉ अंकेश कुमार मिश्रा ने किया इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षकेत्तर कर्मचारीयों के साथ सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। Dec 8, 2025 Ravi Shastri