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चिकित्सा महाविद्यालय के व्यवसायिक भवन एवं मुख्य द्वार के निर्माण हेतु शिलान्यास आदरणीय अध्यक्ष शासी निकाय प्रो (डॉ ) महाचंद्र प्रसाद सिंह जी के कर कमलों के द्वारा संपन्न हुआ। गरिमामई उपस्थिति अनुमंडल पदाधिकारी सह सदस्य श्री आशुतोष गुप्ता जी,सचिव प्रो (डॉ) रामानंद पाण्डेय जी, सलाहकार शासी निकाय प्रो(डॉ) प्रजापति त्रिपाठी जी सहित विद्वान शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, प्रबुद्ध नागरिक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। दयानंद आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सिवान में  77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक,शिक्षकेतर, कर्मचारी, छात्र एवं छात्राओं ने अपने राष्ट्र एवं कर्तव्य के प्रति राष्ट्रीय ध्वज के तले शपथ लिया। Inaugration of Freshers Fiesta of batch 2025-26,organized by batch 2024-25 of D.A.M.C.H,Siwan. ज्ञान, बुद्धि एवं विवेक की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के प्रादुर्भाव दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई। चिकित्सा महाविद्यालय में माँ सरस्वती की भव्य पूजा अर्चना।इस अवसर पर महाविधालय के प्राचार्य,शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।।🌹🙏 *श्रद्धांजलि सभा*
दिनांक 16/01/2026 को दयानन्द आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सिवान में महाविधालय के वाहन चालक श्री चंदेश्वर सिंह जी के आसामयिक गोलोक गमन पर शोकाकुल सहकर्मियों के द्वारा एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
  सभा को सम्बोधित करते हुए महाविधालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने कहा कि हमारा पूरा महाविधालय परिवार उनके आसामयिक निधन से शोक संतप्त है, हम उनके आत्मा के शान्ति हेतु ईश्वर से कामना करते हैं।इस दुःखद घड़ी में पूरा महाविधालय परिवार श्री चंदेश्वर सिंह जी के परिवार के साथ खड़ा है। स्वर्गीय चंदेश्वर सिंह जी इस महाविधालय में वर्ष 1999 से अभी तक लगभग 27 वर्षों तक सेवा में रहे, दिवंगत आत्मा की शान्ति हेतु सभी ने दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना किया गया।

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*श्रद्धांजलि सभा*
दिनांक 16/01/2026 को दयानन्द आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सिवान में महाविधालय के वाहन चालक श्री चंदेश्वर सिंह जी के आसामयिक गोलोक गमन पर शोकाकुल सहकर्मियों के द्वारा एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
  सभा को सम्बोधित करते हुए महाविधालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने कहा कि हमारा पूरा महाविधालय परिवार उनके आसामयिक निधन से शोक संतप्त है, हम उनके आत्मा के शान्ति हेतु ईश्वर से कामना करते हैं।इस दुःखद घड़ी में पूरा महाविधालय परिवार श्री चंदेश्वर सिंह जी के परिवार के साथ खड़ा है। स्वर्गीय चंदेश्वर सिंह जी इस महाविधालय में वर्ष 1999 से अभी तक लगभग 27 वर्षों तक सेवा में रहे, दिवंगत आत्मा की शान्ति हेतु सभी ने दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना किया गया।
आज दिनांक 8.12.2025 को दयानंद आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सिवान में चल रहे नो आगंतुक छात्र-छात्राओं के ट्रांजिशनल करिकुलम का समापन समारोह महाविद्यालय के धनवंतरी हाल में धूमधाम से मनाया गया। समापन  सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में सिवान जिला के जिला पदाधिकारी आदित्य प्रकाश एवं अनुमंडल पदाधिकारी सिवान के साथ आयुर्वेद महाविद्यालय के शासि निकाय  के सचिव डॉ रामानंद पांडे, शासि निकाय के सलाहकार एवं पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर डॉ प्रजापति त्रिपाठी महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने दीप जलाकर शुरूआत किया। नवागंतुक छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी आदित्य प्रकाश ने आयुर्वेद को सबसे पुरातन चिकित्सा पद्धति बताया तथा छात्र-छात्राओं को आयुर्वेद की शिक्षा को गहनता से ग्रहण करने के लिए कहा । अनुमंडल पदाधिकारी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए आयुर्वेद के महान विभूतियां के चरित्र को अपनाने की अपील की महाविद्यालय का सचिव डॉ रामानंद पांडे ने अपने संबोधन में महर्षि सुश्रुत एवं महर्षि चारक के जीवनी पर प्रकाश डाला। पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर डॉ प्रजापति त्रिपाठी  ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय एवं अस्पताल के विषय में विशेष जानकारी उपलब्ध कराई। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने अतिथियों को समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इस पूरे सत्र में सुचारू रूप से हिस्सा लेने के लिए नवआगंतुक छात्र-छात्राओं एवं सत्र को सुचारू रूप से सफल बनाने के लिए सभी शिक्षकों कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं को धन्यवाद दिया। मंच संचालन डॉ अंकेश कुमार मिश्रा ने किया इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षकेत्तर कर्मचारीयों के साथ सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

*श्रद्धांजलि सभा*
दिनांक 16/01/2026 को दयानन्द आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सिवान में महाविधालय के वाहन चालक श्री चंदेश्वर सिंह जी के आसामयिक गोलोक गमन पर शोकाकुल सहकर्मियों के द्वारा एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
  सभा को सम्बोधित करते हुए महाविधालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने कहा कि हमारा पूरा महाविधालय परिवार उनके आसामयिक निधन से शोक संतप्त है, हम उनके आत्मा के शान्ति हेतु ईश्वर से कामना करते हैं।इस दुःखद घड़ी में पूरा महाविधालय परिवार श्री चंदेश्वर सिंह जी के परिवार के साथ खड़ा है। स्वर्गीय चंदेश्वर सिंह जी इस महाविधालय में वर्ष 1999 से अभी तक लगभग 27 वर्षों तक सेवा में रहे, दिवंगत आत्मा की शान्ति हेतु सभी ने दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना किया गया।

आज दिनांक 8.12.2025 को दयानंद आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सिवान में चल रहे नो आगंतुक छात्र-छात्राओं के ट्रांजिशनल करिकुलम का समापन समारोह महाविद्यालय के धनवंतरी हाल में धूमधाम से मनाया गया। समापन  सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में सिवान जिला के जिला पदाधिकारी आदित्य प्रकाश एवं अनुमंडल पदाधिकारी सिवान के साथ आयुर्वेद महाविद्यालय के शासि निकाय  के सचिव डॉ रामानंद पांडे, शासि निकाय के सलाहकार एवं पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर डॉ प्रजापति त्रिपाठी महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने दीप जलाकर शुरूआत किया। नवागंतुक छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी आदित्य प्रकाश ने आयुर्वेद को सबसे पुरातन चिकित्सा पद्धति बताया तथा छात्र-छात्राओं को आयुर्वेद की शिक्षा को गहनता से ग्रहण करने के लिए कहा । अनुमंडल पदाधिकारी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए आयुर्वेद के महान विभूतियां के चरित्र को अपनाने की अपील की महाविद्यालय का सचिव डॉ रामानंद पांडे ने अपने संबोधन में महर्षि सुश्रुत एवं महर्षि चारक के जीवनी पर प्रकाश डाला। पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर डॉ प्रजापति त्रिपाठी  ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय एवं अस्पताल के विषय में विशेष जानकारी उपलब्ध कराई। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने अतिथियों को समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इस पूरे सत्र में सुचारू रूप से हिस्सा लेने के लिए नवआगंतुक छात्र-छात्राओं एवं सत्र को सुचारू रूप से सफल बनाने के लिए सभी शिक्षकों कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं को धन्यवाद दिया। मंच संचालन डॉ अंकेश कुमार मिश्रा ने किया इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षकेत्तर कर्मचारीयों के साथ सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

Welcome to Our Campus

Dayanand ayurvedic medical college campus expands over 5.5 Acre of land in Siwan in state of Bihar. The institute was established in 1972 having been completed for a glorious 5 decades of Ayurveda education and service. our institute is permanently affiliated to Kameshwar Singh Darbhanga Sanskrit University Kameshwar Nagar, Darbhanga, Bihar and by State Health Department, Government of Bihar. The campus has vast Herbal Garden with a variety of plant Species, specialization in O.P.D & I.P.D, Unique library with Ayurvedic Pharmacy, Auditorium hall, and yoga hall, Separate hostel for boys and girls.

Dayanand Ayurvedic Hospital is well known and famous around the area for its treatment and management. Hospital campus is separate from the college campus and situated in the heart of the city. It is well equipped with 116 beds with separate blocks according to departments and separate for male and female patients. The facility is well equipped with maternity and children’s wards. Other facilities regarding hospital include Operation theatre, labor room, Panchkarma theatre, Physiotherapy unit, Acu-pressure unit, yoga hall, emergency department, Diagnostic facilities like digital X-ray, E.C.G., U.S.G., Clinical Laboratory.

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