• Sun. May 24th, 2026

आज दिनांक 2 अगस्त 2024 को दयानंद आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के महाविद्यालय परिसर में शासी निकाय के लिए बने प्रशासनिक कक्ष का उद्घाटन बिहार प्रदेश के माननीय स्वास्थ्य मंत्री सह कृषि मंत्री श्री मंगल पांडेय के द्वारा सिलापट्ट का अनावरण कर एवं फीता खोलकर किया गया। इस उद्घाटन कार्यक्रम में उनके साथ बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सह शासी निकाय के अध्यक्ष डॉ महाचंद्र प्रसाद सिंह, सचिव प्रोफेसर रामानंद पाण्डेय सहित सभी शिक्षक, कर्मचारियों एवं छात्रों की उपस्थिति रही।

ByRavi Shastri

Aug 2, 2024
हिमालय वेलनेस कंपनी के द्वारा चिकित्सा महाविद्यालय के 2018-19 बैच में प्रथम स्थान डॉ जीन्नत परवीन(चिकित्सा पदाधिकारी, बिहार सरकार) एवं द्वितीय स्थान डॉ श्रेया कुमारी (चिकित्सा पदाधिकारी, बिहार सरकार) ने प्राप्त किया था तथा 2019-20 बैच में प्रथम स्थान शाहीन प्रवीन एवं द्वितीय स्थान प्रकाश कुमार सिंह ने प्राप्त किया था। 2019-20 बैच से शाहीन प्रवीन को जीवक एवं से प्रकाश कुमार सिंह को आयुर्विशारद सम्मान दिया गया। इसके अतिरिक्त दोनों बैच के सभी छात्र – छात्राओं को वेलकम किट भी दिया गया।
सुखद संयोग
दिनांक 16/04/2026 को दयानंद आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय में पधारे प्रो(डॉ) रूद्रमणि दीपक( कायचिकित्सा विभाग) शिवालिक आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, आजमगढ़, उत्तरप्रदेश द्वारा लिखित पुस्तक “Basics of Kayachikitsa” का विमोचन गरिमामयी उपस्थिति प्रो(डॉ) प्रजापति त्रिपाठी, प्रो (डॉ)राजेश श्रीवास्तव , प्रो(डॉ)प्रभात कुमार द्विवेदी, डॉ कुलदीप समेत महाविद्यालय के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

दयानन्द आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सिवान में दिनांक 07.04.2026 से 09.04.2026 तीन दिनों तक चलनेवाले “क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक महोत्सव – AYURFEST -2026” का समापन सह पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न हुआ पुरस्कार वितरण समारोह की शुरुआत जिला पदाधिकारी सिवान विवेक रंजन मैत्रेय अनुमंडल पदाधिकारी सिवान आशुतोष कुमार गुप्ता महाविधालय के पूर्व प्राचार्य एवं शासी निकाय के सलाहकार डॉ. प्रजापति त्रिपाठी, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष संजय पांडेय ,सचिव डॉ रामानंद पांडेय एवं प्राचार्य डॉ. सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर तथा भगवान धन्वंतरि के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। आगत अतिथियों का स्वागत औषधीय पौधा एवं अंग वस्त्र देकर किया गया।